एपीएस न्यूज–ब्यूरो रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी। जब बात आयुर्वेद चिकित्सा में अनुभव, विश्वास और परिणाम की होती है, तो भारत भूषण कॉलोनी, गोला गोकर्णनाथ निवासी डॉ. दिनेश कुमार मिश्रा उर्फ डी के मिश्रा का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। बीएएमएस की डिग्री प्राप्त डॉ. मिश्रा पिछले लगभग 40 वर्षों से चिकित्सा सेवा में निरंतर सक्रिय हैं और हजारों मरीजों को स्वस्थ जीवन की राह दिखा चुके हैं।वर्तमान में उनकी तैनाती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मूड़ा सवारन, ब्लॉक बिजुआ में है, जहां वे प्रतिदिन दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों का उपचार करते हैं। सीमित संसाधनों के बीच भी वे धैर्य, गंभीरता और समर्पण के साथ मरीजों की समस्याएं सुनते हैं और आयुर्वेदिक पद्धति से प्रभावी उपचार प्रदान करते हैं।इससे पूर्व वे लगभग 5 वर्षों तक सीएचसी गोला में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। गोला में कार्यकाल के दौरान उन्होंने आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उनके सरल व्यवहार और सटीक उपचार पद्धति के कारण बड़ी संख्या में मरीजों ने लाभ प्राप्त किया। आज भी अनेक लोग उनके उस कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें एक समर्पित और कर्मठ चिकित्सक के रूप में सम्मान देते हैं।डॉ. मिश्रा ने गैस्ट्राइटिस, पुरानी अपच, अल्सर, फैटी लिवर, लिवर की कार्यक्षमता में कमी, उच्च रक्तचाप से संबंधित हृदय समस्याएं तथा शुरुआती हृदय विकार जैसे जटिल रोगों के उपचार में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वे आयुर्वेद की मूल भावना के अनुरूप रोग की जड़ तक पहुंचकर उपचार करने में विश्वास रखते हैं। पंचकर्म, औषधीय संयोजन और संतुलित आहार-विहार की सलाह के माध्यम से वे मरीजों को दीर्घकालिक लाभ दिलाने का प्रयास करते हैं।सरकारी सेवा के अतिरिक्त वे अपने निवास पर भी जरूरतमंद और परेशान लोगों को परामर्श व दवा उपलब्ध कराते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रति उनका विशेष संवेदनशील दृष्टिकोण उन्हें समाज में एक सेवाभावी चिकित्सक के रूप में अलग पहचान देता है। चार दशकों की निरंतर साधना, अनुभव और जन विश्वास के साथ डॉ. दिनेश कुमार मिश्रा आज क्षेत्र में आयुर्वेद चिकित्सा के मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित हैं। उनकी सेवा न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान है, बल्कि समाज के प्रति एक सतत समर्पण की मिसाल भी है।













