एपीएस न्यूज– ब्यूरो रिपोर्ट
पूर्वांचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में चिल्ड्रेन लाइफ केयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी तथा वी जर्मन होम्योपैथी रिसर्च फाउंडेशन के तत्वावधान में 23 से 25 तारीख तक तीन दिवसीय विशाल जन जागरूकता कार्यक्रम ‘‘एक शाम शहीदों के नाम’’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना, बाल अधिकारों पर जागरूकता बढ़ाना तथा आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा। यह आयोजन सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, डुमरियागंज तथा नेपाल सीमा से जुड़े कस्बों में क्रमशः किया गया, जहाँ हजारों की संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। समाज के हर वर्ग—युवा, महिलाएँ, अभिभावक, छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं—ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मिशन को समर्थन दिया। डॉ. वीर बहादुर धुरिया ने बच्चों के अधिकार को राष्ट्र का भविष्य बताया कार्यक्रम की श्रृंखला का नेतृत्व संस्थान के निदेशक, समाजसेवी तथा अंतरराष्ट्रीय दार्शनिक शांति दूत कुँवर डॉ. वीर बहादुर धुरिया ने किया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि–“बच्चों का जीवन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा ही राष्ट्र का वास्तविक आधार है। कन्या भ्रूण हत्या रोकना और बाल अधिकार की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।”उन्होंने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए युवाओं से राष्ट्रहित में सदैव सजग रहने तथा समाज में कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान किया। डॉ. धुरिया ने कन्या भ्रूण हत्या को “राष्ट्र के भविष्य पर आघात” बताते हुए इस सामाजिक अपराध के खिलाफ कड़े कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और जनजागरूकता संदेश– तीन दिवसीय आयोजन में शहीदों को समर्पित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, नुक्कड़ नाटक, बाल अधिकार पर संवाद सत्र, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और कन्या संरक्षण पर विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। उपस्थित जनसमूह ने ‘‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’’ संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
पदाधिकारियों और संचालन की सर्वत्र सराहना– कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्थान के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन की अनुशासन, व्यवस्था, जनभागीदारी और प्रेरक संदेशों की सर्वत्र प्रशंसा की गई।













