एपीएस न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट–अनुराग पटेल
लखीमपुर खीरी। जिले के फरधान क्षेत्र में बुधवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब भारी मात्रा में एलपीजी गैस से भरा एक टैंकर लीलाकुआं के पास ओम साईं इंटर कॉलेज के निकट अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गया। गैस से लबालब टैंकर के पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यदि टैंकर से गैस का रिसाव होता या जरा-सी चिंगारी उठती तो आसपास का इलाका किसी बड़े अग्निकांड की चपेट में आ सकता था। हादसे ने एक बार फिर बारिश के दौरान सड़कों की सुरक्षा और खतरनाक ज्वलनशील गैस ले जाने वाले वाहनों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि अयोध्या निवासी चालक रामकुमार लोनी से करीब चार-पांच दिन पहले टैंकर में एलपीजी गैस भरकर लखीमपुर खीरी स्थित इंडियन गैस प्लांट के लिए निकले थे। बुधवार को फरधान क्षेत्र में लीला कुआं के पास पहुंचते ही बारिश के कारण सड़क पर फिसलन के बीच चालक ने ब्रेक लगाया। इसी दौरान टैंकर बेकाबू हो गया और सड़क से उतरकर खाई में पलट गया। टैंकर के खाई में पलटते ही चालक की जान सांसत में फंस गई। रामकुमार ने किसी तरह शीशा तोड़कर वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। हादसे की सूचना मिलते ही फरधान थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। सबसे बड़ी चुनौती गैस से भरे टैंकर को लेकर थी, क्योंकि जरा-सी लापरवाही सैकड़ों लोगों की जान पर भारी पड़ सकती थी। पुलिस ने एहतियातन टैंकर के आसपास लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी और मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी। आसपास मौजूद लोगों को वाहन से दूर रखा गया। पुलिस की सतर्कता से फिलहाल किसी बड़े हादसे को टाला जा सका। हालांकि घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील गैस लेकर चलने वाले टैंकरों की सुरक्षा व्यवस्था और बारिश में उनके संचालन को लेकर जिम्मेदार महकमे कितने गंभीर हैं? बड़ा सवाल यह है कि यदि टैंकर पलटने के बाद गैस का रिसाव शुरू हो जाता तो जिम्मेदारी किसकी होती? राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि चालक सुरक्षित बच गया और टैंकर से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मगर यह घटना चेतावनी है कि सड़क पर दौड़ते ऐसे ज्वलनशील पदार्थों से भरे टैंकरों की सुरक्षा में छोटी-सी चूक भी फरधान में तबाही का मंजर पैदा कर सकती है।












