एपीएस न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट अनुराग पटेल
लखीमपुर खीरी। नीट (NEET) परीक्षा धांधली और देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ के खिलाफ जारी महासंग्राम में आज देश के छात्रों और युवाओं की बड़ी जीत हुई है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी लखीमपुर खीरी के कंट्रोल रूम प्रभारी इकबाल अहमद खान ने इसे छात्रों के कड़े संघर्ष और संसद से सड़क तक गरजने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दृढ़ संकल्प की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। इकबाल अहमद खान ने अपने सख्त रुख के साथ कहा: कि “मैं अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले देश के साहसी और जुझारू छात्रों को सलाम करता हूं। जब-जब तानाशाही रवैये पर उतरी सरकार के खिलाफ राहुल गांधी चट्टान बनकर खड़े हुए हैं, तब-तब इस अहंकारी सत्ता को घुटने टेकने पड़े हैं। यह इस्तीफा केवल एक मंत्री का हटना नहीं है, बल्कि छात्रों की अटूट एकजुटता और राहुल गांधी के निडर नेतृत्व की हुंकार है।” सरकार की बेरुखी पर कड़ा प्रहार करते हुए खान ने भावुक और तीखे लहजे में कहा कि काश! केंद्र सरकार ने समय रहते देश के मासूम छात्रों का दर्द और मानसिक तनाव समझा होता, तो आज कई होनहार छात्र असमय मौत के आगोश में न समाते। सरकार की हठधर्मिता और लापरवाही की वजह से जिन मां-बाप ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें जिंदगी भर का न भूलने वाला दर्द मिला है। इकबाल अहमद खान ने परीक्षा प्रणाली की बलि चढ़े सभी क्रांतिकारी शहीद छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से दो टूक शब्दों में मांग की कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद सामने आएं और अपने हक के लिए जान गंवाने वाले छात्रों के पीड़ित परिजनों से देश के सामने माफी मांगें। परीक्षा घोटालों की वजह से अपने बच्चों को खोने वाले हर पीड़ित परिवार को सरकार तुरंत भारी मुआवजा और सहायता प्रदान करे। लखीमपुर कांग्रेस का स्पष्ट संदेश है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली किसी भी नीत के खिलाफ हमारी लड़ाई रुकने वाली नहीं है—सड़क से लेकर संसद तक न्याय की यह आवाज बुलंद रहेगी।












