एपीएस न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट –अनुराग पटेल
लखीमपुर खीरी। जिले में उचित दर दुकानदारों के लाभांश में ₹35 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी किए जाने से जिले के राशन विक्रेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। लाभांश ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति क्विंटल किए जाने के फैसले को राशन विक्रेताओं ने अपने हित में सरकार का महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय के प्रति आभार व्यक्त किया। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन, इकाई लखीमपुर-खीरी के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष करण पाल सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह से मुलाकात की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित धन्यवाद एवं आभार पत्र उन्हें सौंपा। इस दौरान राशन विक्रेताओं के चेहरों पर सरकार के फैसले को लेकर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी। राशन विक्रेताओं ने कहा कि लाभांश में हुई यह बढ़ोतरी उनके लिए केवल आर्थिक राहत नहीं है, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जिम्मेदारी संभाल रहे हजारों उचित दर विक्रेताओं के परिश्रम, सेवा और जिम्मेदारी को मिला सम्मान भी है। विक्रेताओं का कहना है कि सीमित संसाधनों के बीच गरीब, जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने में उचित दर दुकानदार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में लाभांश में वृद्धि से उनके आर्थिक हितों को मजबूती मिलेगी और राशन वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए धन्यवाद पत्र में विक्रेताओं ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे उचित दर विक्रेताओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का परिचायक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी लंबे समय से चली आ रही आर्थिक चिंता को समझते हुए लाभांश में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे राशन विक्रेताओं को राहत मिली है। विक्रेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस निर्णय से उचित दर विक्रेताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के मार्गदर्शन में वे भविष्य में भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी, प्रभावी और जनकल्याणकारी बनाने में पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। राशन विक्रेताओं ने सरकार के इस फैसले को गरीबों तक खाद्यान्न पहुंचाने वाली व्यवस्था को मजबूती देने वाला कदम बताते हुए कहा कि लाभांश में बढ़ोतरी से विक्रेताओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली में उनकी भागीदारी और जिम्मेदारी को भी नया सम्मान मिला है।













