एपीएस न्यूज संवाददाता रफी अहमद
पलिया कलां। “मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना…” इस मशहूर कहावत को ज़मीनी हकीकत में बदलकर सामाजिक एकता की एक बेमिसाल छाप छोड़ी है पलिया निवासी, समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता व प्रदेश सचिव रेहान खान ने। पिछले दो दशकों से चली आ रही अपनी अनूठी परंपरा को कायम रखते हुए इस रक्षाबंधन पर भी उन्होंने दर्जनों हिंदू बहनों से राखी बंधवाकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को न केवल निभाया, बल्कि साम्प्रदायिक सौहार्द का एक बुलंद संदेश भी दिया।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर रेहान खान के आवास पर उत्सव जैसा माहौल रहा। क्षेत्र की ढेरों हिंदू बहनों ने उनके घर पहुंचकर उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा, तिलक लगाया और उनकी दीर्घायु की कामना की। रेहान खान ने पूरी गर्मजोशी और सम्मान के साथ अपनी बहनों का स्वागत किया, उनका आशीर्वाद लिया और उन्हें उपहार देकर जीवनभर हर मोड़ पर ढाल बनकर खड़े रहने का अटूट वचन दिया।अपनी इस खूबसूरत परंपरा और रक्षाबंधन के पावन पर्व पर दिल की बात साझा करते हुए सपा प्रदेश सचिव रेहान खान ने कहा:”राखी का धागा मज़हब से बड़ा, बहन की सुरक्षा मेरा पहला फर्ज़”,”भाई-बहन का रिश्ता किसी धर्म या मज़हब का मोहताज नहीं होता। यह प्रेम, अटूट विश्वास और सम्मान का वो पवित्र बंधन है जो दिलों को जोड़ता है। पिछले बीसियों सालों से मेरी हिंदू बहनें मुझे राखी बांधती आ रही हैं और मेरे लिए उनकी खुशी और सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं है। आज जब देश को आपसी भाईचारे की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब यह रक्षासूत्र हमें याद दिलाता है कि हम सब पहले इंसान हैं और एक ही वतन की औलाद हैं। मैं अपनी सभी बहनों की सुख, समृद्धि और खुशहाल जीवन की ईश्वर से कामना करता हूं और वादा करता हूं कि जब भी उन्हें मेरी जरूरत होगी, उनका यह भाई सबसे आगे खड़ा मिलेगा।”रेहान खान के इस कदम की पूरे पलिया क्षेत्र में जमकर तारीफ हो रही है। बरसों से बिना किसी भेदभाव के हर त्योहार को आपसी प्रेम से मनाने की उनकी इस पहल ने साबित कर दिया है कि राजनीति से ऊपर उठकर भी सामाजिक एकजुटता की मिसाल कायम की जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेहान खान ने न केवल रक्षाबंधन का मान बढ़ाया है, बल्कि इलाके में गंगा-जमुनी तहज़ीब की जड़ों को और ज्यादा मजबूत किया है।













