एपीएस न्यूज रिपोर्ट–अनुराग पटेल
लखीमपुर खीरी। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का लाभ वास्तविक पात्र एवं जरूरतमंद लाभार्थियों तक सुनिश्चित करने के लिए शासनादेशों में निर्धारित क्रीमीलेयर संबंधी प्रावधानों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में कार्यशाला आयोजित हुई। डीएम अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं अपर आयुक्त न्यायिक द्वितीय दीप्ति देव की मौजूदगी में हुई कार्यशाला में क्रीमीलेयर से संबंधित नियमों, पात्रता की शर्तों और प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर रहा कि ओबीसी आरक्षण का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में नियमों की सही समझ और उनका एकरूपता से अनुपालन बेहद जरूरी है। शासनादेशों में क्रीमीलेयर से संबंधित विभिन्न प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए अधिकारियों को प्रमाण-पत्रों के परीक्षण एवं पात्रता निर्धारण में निर्धारित नियमों का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य पात्र वर्ग को उसका अधिकार उपलब्ध कराना है। इसलिए संबंधित अधिकारी शासनादेशों और निर्धारित मानकों का गहन अध्ययन करते हुए प्रकरणों का परीक्षण करें। पात्रता निर्धारित करने में किसी प्रकार की अस्पष्टता की स्थिति में संबंधित उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया जाए, ताकि पात्र व्यक्ति को अनावश्यक कठिनाई न हो और अपात्र व्यक्ति को नियमों के विपरीत लाभ न मिल सके। कार्यशाला में क्रीमीलेयर की अवधारणा, आय एवं अन्य निर्धारित मानकों, परिवार की स्थिति तथा शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर पात्रता परीक्षण की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न संभावित प्रकरणों को लेकर अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं, जिनका विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया। कार्यशाला में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम (न्यायिक) ब्रजपाल सिंह, उप निदेशक पिछड़ा वर्ग अजीत प्रताप सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अभय कुमार सागर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चेलवा राजू आर सहित सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मौजूद रहे।














