एपीएस न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट
लखनऊ। करीब 13 वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अब राजनीति में कदम रखने का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। वह जनता के साथ मिलकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच खड़ा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
यूपी को बताया अपनी कर्मभूमि, जनता से सीधे जुड़ने की पहल–: 29 सितंबर को जारी वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पारी की घोषणा की। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत इसी प्रदेश से होगी। उन्होंने आम लोगों की समस्याओं और उनकी आवाज को राजनीतिक मंच तक पहुंचाने की बात कही। दिव्या मित्तल ने जनता से सीधे जुड़ने के लिए WhatsApp नंबर 9198956957 भी जारी किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को लगता है कि उनकी बात और मुद्दे भी इस पहल से जुड़े हैं, वे इस नंबर पर संदेश भेजकर उनसे संपर्क कर सकते हैं।
किसी राजनीतिक दल में जाने से किया इनकार–:दिव्या मित्तल ने साफ किया कि वह किसी मौजूदा राजनीतिक पार्टी के बैनर तले राजनीति नहीं करेंगी। उनका कहना है कि वह लोगों के साथ मिलकर एक ऐसा मंच तैयार करना चाहती हैं, जिसमें आम नागरिकों के मुद्दों को प्राथमिकता मिले। उन्होंने अपने संदेश में सड़क, स्कूल, रोजगार, सरकारी जमीन, पेपर लीक और जवाबदेही जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि राजनीति में बदलाव के लिए केवल नेताओं को बदलना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि राजनीति के काम करने के तरीके में भी बदलाव जरूरी है।
IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई–: दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से शिक्षा हासिल की। आईएएस बनने से पहले उन्होंने विदेश में कॉरपोरेट क्षेत्र में भी काम किया था। प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं। वह संत कबीरनगर, मीरजापुर और देवरिया की जिलाधिकारी भी रहीं।
मीरजापुर के जल प्रोजेक्ट से मिली खास पहचान–: मीरजापुर की जिलाधिकारी रहते हुए लहुरियादह गांव में पाइपलाइन के जरिए पेयजल पहुंचाने की पहल के चलते दिव्या मित्तल को व्यापक पहचान मिली थी। पहाड़ी क्षेत्र के इस गांव में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई थी। प्रशासनिक स्तर पर शुरू की गई इस पहल की काफी चर्चा हुई थी।
30 अगस्त को दिया था IAS से इस्तीफा–: दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। सितंबर में उनका इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उनके अगले कदम को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे थे। अब उन्होंने राजनीति में उतरने का फैसला सार्वजनिक कर दिया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल–: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक पूर्व आईएएस अधिकारी का स्वतंत्र रूप से राजनीति में उतरना चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, दिव्या मित्तल ने अभी किसी राजनीतिक पार्टी के गठन, चुनाव लड़ने या किसी विशेष विधानसभा सीट से मैदान में उतरने की औपचारिक घोषणा नहीं की है। उनके राजनीतिक मंच का स्वरूप और आगे की रणनीति आने वाले समय में स्पष्ट होगी।














