एपीएस न्यूज संवाददाता रफी अहमद
गोला गोकर्णनाथ खीरी। जनपद में आफत बनकर बरसी बेमौसम बारिश ने अन्नदाता की कमर तोड़कर रख दी है। खेतों में लहलहाती धान की फसलें जलमग्न होकर सड़ चुकी हैं, तो वहीं भारी बारिश व तेज हवाओं से गन्ने की फसलें धराशायी होकर बर्बाद हो गईं। इतना ही नहीं, बेबस गरीब परिवारों के सिर से आशियाना छिन गया और कच्चे मकान व छप्पर ढह गए। इस तबाही को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का गुस्सा फूट पड़ा। यूनियन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्यायिक एसडीएम भावना सिंह के जरिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।जिला अध्यक्ष कुलवंत सिंह जोशन एवं युवा जिला अध्यक्ष सरवजीत सिंह सैनी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने दो टूक कहा कि बारिश के पानी ने किसानों की महीनों की मेहनत और पूंजी को पल भर में लील लिया। खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में डूबकर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और गन्ना खेतों में बिछ गया है। अगर सरकार ने तुरंत दखल नहीं दिया, तो किसान भुखमरी और कंगाली के दलदल में धंस जाएगा।’कागजों पर नहीं, जमीन पर हो सर्वे’ किसान नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में मांग की कि प्रशासनिक अमले को एयरकंडीशन्ड कमरों से बाहर निकालकर खेतों में भेजा जाए। धान और गन्ने की फसलों का तत्काल निष्पक्ष व पारदर्शी स्थलीय सर्वे कराया जाए और वास्तविक नुकसान के आधार पर पाई-पाई की क्षतिपूर्ति दी जाए। यूनियन ने मकान और छप्पर गिरने से बेघर हुए गरीब परिवारों और मलबे में दबकर चोटिल हुए लोगों के लिए तत्काल पक्के आवास व आपातकालीन आर्थिक पैकेज जारी करने की मांग रखी। बिना देरी मिले राहत, वरना आंदोलन तय जिला अध्यक्ष कुलवंत सिंह जोशन ने स्पष्ट कहा, “यह आपदा का वक्त है, प्रशासन हीलाहवाली छोड़कर युद्धस्तर पर सर्वे शुरू कराए।” युवा जिला अध्यक्ष सरवजीत सिंह सैनी ने चेताया कि किसानों के नुकसान की भरपाई में अगर देरी हुई तो किसान चुप नहीं बैठेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान गोला विधानसभा अध्यक्ष मो. उस्मान, जिला उपाध्यक्ष राहुल वर्मा, इसरार मंसूरी, युवा जिला उपाध्यक्ष सुधीर वर्मा और शाहिद अली सहित भारी संख्या में किसान व पदाधिकारी मौजूद रहे।














