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बरबर में ‘बेटियां रहमत हैं’ सालाना जलसे का हुआ आयोजन, हजारों लोग हुए शामिल

एपीएस न्यूज संवाददाता–रिजवान खान

बरबर खीरी। बेटियों की इज्जत, परवरिश और इस्लामी तालीम पर उलेमा ने रखी बात, मोबाइल और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी दी नसीहत बरबर सब्जी मंडी में ‘बेटियां रहमत हैं’ के उनवान से एक दीनी जलसे का आयोजन किया गया। जलसे की शुरुआत कारी वसी अहमद ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत से की, जबकि संचालन मौलाना उबैद साहब ने किया। जलसे में उलेमा और शायरों ने बेटियों की अहमियत, उनके सम्मान और बेहतर परवरिश पर अपने विचार रखे। जलसे में मौलाना जावेद असलम ने शुरुआती बयान में इस्लाम में बेटियों के मुकाम पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि इस्लाम ने बेटियों को इज्जत और सम्मान का मुकाम दिया है। उन्होंने महिलाओं के लिए पर्दे की अहमियत बताते हुए हया और पाकीजगी के साथ जिंदगी गुजारने की नसीहत दी। इस मौके पर शायर फारूक दिलकश, मऊनाथ भंजन, आजमगढ़ ने अपने कलाम के जरिए बेटियों की अहमियत बयां करते हुए कहा–“उनके घर में जन्नत की खिड़कियां नहीं होतीं, जिनके घर के आंगन में बेटियां नहीं होतीं।” वहीं, शायर कारी सरताज अहमद ने बेटियों को रहमत बताते हुए अपने अशआर पेश किए–“वो है नादान जो है कहते जहमतें हैं बेटियां,मुस्तफा फरमा रहे हैं रहमतें हैं बेटियां। बाप अगर बीमार हो तो बेटियां आ जाती हैं, सच है ऐ सरताज, दिल की राहतें हैं बेटियां।” जलसे के मेहमान-ए-खुसूसी हजरत मौलाना इनाम साहब कासमी, कासगंज ने अपने बयान में कहा कि निकाह के बाद पत्नी के साथ नरमी, मोहब्बत और अच्छे अखलाक से पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर बेटी किसी की लाडली होती है, इसलिए महिलाओं के साथ जुल्म और ज्यादती करना गलत है। इंसान को अपने व्यवहार के लिए अल्लाह के सामने जवाबदेह होना पड़ेगा। जलसे की सदारत सैयद शाह वासिफ हसन साहब, सज्जादानशीन खानकाह आलिया वारसी हसनिया, टीला पीर मोहम्मद शाह, लखनऊ ने की। जलसे का अंतिम बयान मौलाना अखलाक साहब, सदर जमीयत उलमा-ए-हिंद, लखीमपुर खीरी ने किया।अपने बयान में मौलाना अखलाक साहब ने मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में बेटियों और बहनों को इस्लामी तालीम के मुताबिक जिंदगी गुजारने की नसीहत दी। उन्होंने गैर-महरम से बातचीत को लेकर धार्मिक एहतियात बरतने और मोबाइल का इस्तेमाल पढ़ाई-लिखाई जैसे सकारात्मक कार्यों के लिए करने पर जोर दिया। इस दीनी जलसे का आयोजन तौफीक खान एडवोकेट और जमील बेग की ओर से किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। जलसे के दौरान बेटियों को रहमत समझने, उनकी इज्जत करने, अच्छी परवरिश करने और महिलाओं के साथ बेहतर व्यवहार करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चौकी प्रभारी भी मौजूद रहे।

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