एपीएस न्यूज ब्यूरो चीफ अनुराग पटेल
मैगलगंज-खीरी। मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होती नजर आ रही हैं। भाजपा से जुड़े युवा नेता एवं सहकारी गन्ना विकास समिति के डायरेक्टर अनिल राठौर की क्षेत्र में लगातार बढ़ती सार्वजनिक सक्रियता के बीच उनका नाम स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में सामने आ रहा है। अनिल राठौर संगठनात्मक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक आयोजनों, जनसंपर्क अभियानों और स्थानीय समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। भाजपा के विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से संवाद और सामाजिक कार्यक्रमों में मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
संगठन से जनसंपर्क तक सक्रियता–भाजपा से जुड़े अनिल राठौर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम सहित अन्य संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी मौजूदगी रही है। इसके अलावा तिरंगा यात्रा और सामाजिक आयोजनों में भी उनकी सक्रियता देखी गई है।सहकारी गन्ना विकास समिति से जुड़े होने के कारण किसानों और गन्ना किसानों से संबंधित मुद्दे भी उनकी सार्वजनिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। क्षेत्र में सड़क, बिजली, जल निकासी, आवागमन और किसानों से जुड़े विषयों को लेकर लोगों के बीच संवाद करने की बात भी सामने आती रही है।
सामाजिक समीकरणों को लेकर चर्चा–मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक समीकरण भी स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बने हुए हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में निर्वाचन क्षेत्र में 3.39 लाख से अधिक निर्वाचक दर्ज थे। निर्वाचन आयोग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2022 में भाजपा के लोकेंद्र प्रताप सिंह को 99,377 वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के दाऊद अहमद को 94,506 वोट मिले। जीत का अंतर 4,871 वोट रहा था। विभिन्न स्थानीय आकलनों में क्षेत्र के अलग-अलग सामाजिक वर्गों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आते हैं। इनमें अनुसूचित जाति, मुस्लिम, अन्य पिछड़ा वर्ग और विभिन्न जातीय समूहों से जुड़े अनुमान शामिल हैं। हालांकि ये आंकड़े निर्वाचन आयोग द्वारा प्रकाशित आधिकारिक जातिवार मतदाता आंकड़े नहीं हैं, इसलिए इन्हें केवल स्थानीय आकलन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
तेली समाज के आंकड़ों को लेकर भी चर्चा–अनिल राठौर तेली समाज से आते हैं। स्थानीय स्तर पर इस समाज की संख्या को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आते रहे हैं। इसी वजह से मोहम्मदी क्षेत्र के सामाजिक समीकरणों की चर्चा में तेली समाज का उल्लेख भी किया जा रहा है। हालांकि चुनावी राजनीति में मतदाताओं का व्यवहार केवल जातीय आंकड़ों पर निर्भर नहीं करता। स्थानीय मुद्दे, प्रत्याशी, संगठनात्मक स्थिति, राजनीतिक परिस्थितियां और मतदाताओं की व्यक्तिगत पसंद सहित कई कारक चुनावी परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
सामाजिक सभा में युवा नेतृत्व को लेकर चर्चा–25 मार्च 2026 को विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक बड़ी सामाजिक सभा भी स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही। सभा के दौरान युवा नेतृत्व और युवा चेहरे को लेकर विचार व्यक्त किए गए। स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में इस आयोजन को अनिल राठौर की सामाजिक सक्रियता और क्षेत्र में उनके संपर्क के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
भाजपा के संभावित चेहरे को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं–मोहम्मदी विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में भाजपा के लोकेंद्र प्रताप सिंह निर्वाचित हुए थे। आधिकारिक चुनाव परिणाम के अनुसार उन्हें 99,377 वोट मिले थे और उन्होंने समाजवादी पार्टी के दाऊद अहमद को 4,871 मतों के अंतर से पराजित किया था। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा किसे प्रत्याशी बनाएगी, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा किया जाना है। फिलहाल अनिल राठौर की संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क और सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी के चलते उनका नाम स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है। मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र में 2027 की राजनीतिक तस्वीर अभी शुरुआती दौर में है। आने वाले समय में संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और संभावित दावेदारों की सक्रियता के साथ क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।














