एपीएस न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट– अनुराग पटेल
लखीमपुर खीरी। बेटियों की उपलब्धियों को सम्मान देने और समाज में उनके योगदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से मंगलवार रात शहर के शहीद नसीरुद्दीन मेमोरियल मैदान में ‘एक शाम बेटियों के नाम’ बेटी सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम के आयोजक मोहन बाजपेई रहे। कार्यक्रम में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और देर रात तक मैदान दर्शकों एवं श्रोताओं से खचाखच भरा रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजक मोहन बाजपेई ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बेटियों के सम्मान को समाज के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।समारोह के दौरान शिक्षा, सामाजिक सेवा, कला, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और मेहनत से पहचान बनाने वाली करीब 12 बेटियों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने बेटियों को सम्मान प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और लगातार अपने परिवार, जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष जासमीर अंसारी मौजूद रहे। इसके अलावा पूर्व सांसद कैसर जहां, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह सहित शहर के तमाम सामाजिक एवं राजनीतिक लोग उपस्थित रहे। सम्मान समारोह के बाद कवि सम्मेलन का दौर शुरू हुआ। देश और प्रदेश के नामचीन कवियों एवं शायरों ने हास्य, व्यंग्य, देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और भावनात्मक रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। मंच पर राष्ट्रीय हास्य-व्यंग्यकार डॉ. सर्वेश अस्थाना, राष्ट्रीय कवि एवं कार्यक्रम संरक्षक आशीष अनल, जॉनी बैरागी, हेमंत पांडे, शायर हाशिम फिरोजाबादी, ज्ञान प्रकाश आकुल, मोहित शौर्य, योगेंद्र योगी, सुनीत बाजपेई, अमित कैथवार, नवल सुधांशु, स्वयं श्रीवास्तव सहित कवित्रियों शशि श्रेया, सबा बलरामपुरी, कविता तिवारी, रुबीना अयाज, पल्लवी मिश्रा, कृति चौबे, पल्लवी पंडित, मुमताज नसीम और कल्पना शुक्ला ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।जैसे ही कवियों ने अपनी रचनाएं और शायरों ने कलाम पेश किए, पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कई प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाकर कवियों एवं शायरों का उत्साहवर्धन किया। बेटियों के सम्मान से शुरू हुआ यह आयोजन साहित्य और कविता की शानदार प्रस्तुतियों के साथ देर रात तक चलता रहा। कार्यक्रम ने एक ओर बेटियों की उपलब्धियों को सम्मान दिया, वहीं दूसरी ओर कविता और साहित्य के माध्यम से समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सकारात्मक सोच का संदेश भी दिया। उपस्थित लोगों ने आयोजन को बेटियों के सम्मान और सामाजिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।














